मुसलमानो से हमदर्दी? तलाक़ पर बोलने से पहले इन चार औरतों पर ग़ौर करें नरेन्द्र मोदी

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महोबा में प्रधानमंत्री मोदी मुस्लिम महिलाओं की ज़िंदगी संवारने के बारे में बोलने से नहीं हिचकिचाए. मोदी खुद अपनी पत्नी जसोदा बेन के साथ किस तरह के संबंध रखते हैं, थोड़ी देर के लिए इसे अलग रख देते हैं. मगर मोदी साफ तौर पर यूसीसी लागू करने की कोशिश कर रहे हैं और इसके लिए उन्हें ट्रिपल तलाक जैसा बहाना मिल गया है.यह एक ऐसा मुद्दा जो साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण के लिए बार-बार इस्तेमाल किया जाता रहा है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को ट्रिपल तलाक के मसले पर अपने मन की बात रखी. उन्होंने भारत में समान आचार संहिता (यूसीसी) लागू करने के साफ संकेत दिए. उत्तर प्रदेश के महोबा में एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘अगर कोई फोन पर तीन बार तलाक कह देता है तो एक मुस्लिम बिटिया की जिंदगी खराब हो जाती है.’

मोदी को अचानक ही मुस्लिम महिलाओं के प्रति सहानुभूति होने लगी है. देर से ही सही लेकिन उन्हें इनमें से कुछ महिलाओं के बारे में ज़रूर बोलना चाहिए. जकिया जाफरी एहसान जाफरी की बीवी हैं, जिनकी 2002 के दंगों के दौरान अहमदाबाद की गुलबर्ग सोसायटी में 68 अन्य लोगों के साथ हत्या कर दी गई थी.

चश्मदीद गवाहों के मुताबिक सोसायटी के बाहर भीड़ जमा होने के बाद एहसान जाफरी ने मोदी से मदद मांगने के लिए फोन किया तो उधर से गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री मोदी ने कथित तौर पर जाफरी को गाली दी और पूछा कि उन्हें अभी तक मारा क्यों नहीं गया? मोदी ने इस मुस्लिम महिला को विधवा होने से बचाने के लिए कुछ किया? नहीं.

नरोदा पाटिया की औरतों की कहानी तो और भी भयावह है. जरा इन दो चश्मदीद पर गौर फरमाएं. ‘उन्होंने मेरी भाभी की बहन कौसर बानो के साथ जो किया वह डरावना था. वह 9 महीने की गर्भवती थीं. उन्होंने उसके पेट को काटा, उसका भ्रूण यानी बच्चे को तलवार से बाहर निकाला और जलती आग में फेंक दिया.

इसके बाद उन्होंने उसे भी जला डाला. और भीड़ कई जलते टायर लेकर हमारे पीछे भागी. उस वक्त उन्होंने कई लड़कियों का रेप किया. हमारे सामने ही करीब 8-10 रेप हुए. हमने उन्हें देखा कि वे 16 साल की मेहरूनिसा के कपड़े फाड़ रहे थे. उन्होंने वहीं सड़क पर लड़कियों का रेप किया.

उसके बाद उन्हें जला दिया गया’.मुस्लिम औरतों के साथ ये ज़ुल्म मोदी की नाक के नीचे हुए, जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे. उस वक्त उन्हें मुसलमान औरतों का ख़याल क्यों नहीं आया? यह कांड तो बिल्कुल नया है, 25 अगस्त का.

हरियाणा के मेवात में कथिततौर पर गौरक्षकों ने एक नाबालिग समेत दो मुस्लिम औरतों के साथ सज़ा के तौर पर गैंग रेप किया क्योंकि वह उस समाज से आती हैं जहां बीफ़ खाने का चलन है. उस रात एक 16 और एक 21 साल की औरत के साथ चार जनों ने गैंगरेप किया, जिसके साथ एक साल का बच्चा भी था. इन्हीं आरोपियों ने इसी रात महिला के चाचा और चाची की हत्या कर दी थी.

बीजेपी शासित हरियाणा में गैंग रेप और दोहरे हत्याकांड की घटना घटी. मगर इस केस में निष्पक्ष कार्रवाई की बजाय राज्य सरकार मेवात में बीफ की जांच के लिए बिरयानी के नमूने जुटाने में लग गई.

महोबा में दिया गया मोदी का बयान कोई मुसलमान औरतों के लिए अचानक उपजी हमदर्दी का नतीजा नहीं है. यहां तक कि यह पूरी तरह मुसलमानों पर केंद्रित नहीं है. यह सब मोदी की हिन्दूवादी चरमपंथी मतदाताओं को रिझाने कोशिश है और उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में सिर्फ़ और सिर्फ़ हिंदु्त्व पर ही निर्भर है.