सिमी के सदस्यों का अपराध अभी साबित नहीं हुआ था केस अभी अंडरट्रायल में था- वृंदा करात

यहाँ से शेयर करें

नई दिल्ली। सीपीएम की वरिष्ठ नेता वृंदा कारत ने इस एनकाउंटर का विरोध कर रहे नेताओं का समर्थन करते हुए हाई कोर्ट के जज से मामले की न्यायिक जांच की मांग की है।

वृंदा कारत ने सिमी से जुड़े कैदियों को आंतकी कहने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि वे अंडरट्रायल थे, उनका अपराध साबित नहीं हुआ था। और उनको आतंकवादियो का रूप देकर एनकाउन्टर कर दिया गया। हाई कोर्ट के जज से इस मामले की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।

वृंदा कारत ने कहा, ‘राज्य सरकार ने एनकाउंटर की जो कहानी कही है, वह संदेहजनक और विरोधाभासों से भरी है। पहले तो सरकार ने कहा कि उनके पास कुछ सामान थे, लेकिन उसके बाद कहा कि उनके पास बंदूकें थीं। जबकि अभी तक न सामान की और नाही हथियारों की पुष्टि हो पाई है

सीपीएम नेता प्रकाश कारत ने भी कहा कि जिस तरह से लोग जेल से भागे और पता लगाकर उनका एनकाउन्टर कर दिया गया, इसकी स्वतंत्र न्यायिक जांच होनी चाहिए।