शरीअत के क़ानून में दखल अंदाज़ी ना करे केंद्र-मौलाना कलीम अशरफ नोमानी

यहाँ से शेयर करें

अम्बेडकरनगर यू पी।मिन्हाजुल मशाएख फाउंडेशन (MMF) के चेयरमैन मौलाना कलीम अशरफ नोमानी ने कहा कि हमारा मुल्क दुनिया का अज़ीम तरीन जम्हूरी मुल्क है और मुख़्तलिफ़ मज़ाहिब के मानने वाले इस मुल्क में बस्ते हैं और दस्तूरे हिन्द हर मज़हब के मानने वाले को अपने मज़हब पर अमल करने की मुकम्मल आज़ादी देता है।

इस लिए यकसां सूल कोड जम्हूरियत की रूह के खेलाफ है और सूल कोड की कोशिश किसी भी तरह क़ाबिले क़ुबूल नहीं हो सकती।उन्होंने ने मज़ीद कहा कि लॉ कमीशन का क़याम और तीन तलाक़ को मौजूअ बनाकर मरकज़ी हुकूमत यूनिफॉर्म सूल कोड को नाफ़िज़ करने की राह पर चल रही है और ख़ुफ़िया तौर पर RSS और फ़िरक़ा परस्त ताक़तों के एजेंडा पर अमल कर रही है जिसको इस मुल्क का मुसलमान किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं कर सकता।

मौलाना नोमानी ने ऐलान किया कि शरीअत के तहफ़्फ़ुज़ और यकसां सूल कोड की मुखालिफत के लिये हर मुम्किन जद्दो जहद की जायेगी।मौलाना नोमानी ने मज़ीद कहा कि मरकज़ी हुकूमत उत्तर प्रदेश के असेम्बली इलेक्शन के पेशे नज़र अपनी ढाई साला हुकूमत की नाकामियों पर पर्दा डालने के लिए इस तरह के शगूफे छोड़ रही है.

ताकि भोले भाले अवाम का ज़ेहन असल मौज़ूअ से हटाया जा सके।उन्होंने कहा कि इस तरह की कोशिश से सिर्फ मुसलमान ही नहीं बल्कि इस मुल्क में बसने वाली दूसरी क़ौमें भी खेलाफ हैं और इसकी मुखालिफत पर कमरबस्ता है।