मुर्दो के बीच से, मुर्दा ले गया ! इक्कसवीं सदी का भारत

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एम्बुलेंस नहीं मिली तो महिला की लाश पर चढ़े उसकी हड्डियां तोड़ी, फिर लाश को मोड़ एक पोटली बनाकर बांस में बांध कर ले गए. ओडिसा में पिछले दो दिन पहले सामने आई दो तस्वीरे, जो सरकारी व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े कर दिए है.

इससे पहले बीते बुधवार को कालाहांडी का एक आदिवासी शख्‍स पत्‍नी की लाश को कंधे पर ले जाता नजर आया, क्‍योंकि उसके पास गाड़ी करने को रुपए नहीं थे.

आपको बतादे 80 व‍र्षीय विधवा, सलमानी बेहड़ा की बालासाेर जिले में बुधवार सुबह सोरो रेलवे स्‍टेशन के नजदीक मालगाड़ी के नीचे आ जाने से मौत हो गई। उनकी लाश को सोरो कम्‍युनिटी हेल्‍थ सेंटर ले जाया गया।

लेकिन वहाँ पर अस्‍पताल ने कोई इंतजाम करने से मना कर दिया था। दूसरी तस्‍वीर में कुछ अस्‍पताल कर्मचारी एक महिला की लाश पर चढ़े नजर आ रहे हैं, वे उसकी हड्डियां तोड़ते हैं, फिर लाश को मोड़ एक पोटली बनाते हैं, उसके बाद बांस से पोटली लटकाकर चल पड़ते हैं

 वहीँ बेहड़ा के बेटे, रबिंद्र बरीक ने कहा कि जब उन्‍होंने अपने मां की लाश के साथ किए गए व्‍यवहार के बारे में सुना तो वह आश्‍चर्यचकित रह गए। उन्‍होंने कहा, ”उन्‍हें थोड़ी और मानवता दिखानी चाहिए थी। मैंने शुरू में पुलिसवालों के खिलाफ मुकदमा करने की सोची, लेकिन हमारी शिकायत पर कार्रवाई कौन करेगा।”