मुठभेड़ में मारे गए सभी आंतकियो के पास कहां से आए ब्रांडेड जींस, टीशर्ट, मंहगी घड़ी, स्पोर्टस शुज़ ?

यहाँ से शेयर करें

मध्य प्रदेश पुलिस ने सीमी के आतंकियों को मार गिराया है उनका हुलिया देख कर यही लगता है सेंट्रल जेल है या मज़ाक है? इसी के साथ जेल प्रशासन पर सवालिया निशान खड़ा होता है. जेल में ऐश की जिंदगी जीने के हर साजो समान उपल्बध थे ऐसा लगता है कि यह जेल खाना नहीं आतंकियों के ऐशगाह के रुप में तबदील थी.

पुलिस ने जेल से तकरीबन 10 किलोमीटर दूर इन आंतकियो को ढ़ेर किया . लेकिन सवाल यह कि सेंट्रल जेल है या मज़ाक है ?  जेल में आतंकी ‘द स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया’ के सदमस्यो के पास जींस – टीशर्ट, हाथो में महंगी घड़ी और पैरो में स्पोर्टस शुज कहां से आए.

पुलिस का दावा है कि आतंकी पूरी तैयारी के साथ भागे थे, वह भागते हुए रास्ते में ही हथियार भी जुटाए थे. आतंकियों के पास हथियार थे, पुलिस का दावा है कि आंतकियो ने क्रॉस फायरिंग की थी.

मारे गए इन आतंकियों के नाम मोहम्मद खालिद अहमद, मुजीब शेख, शेख महबूब, जाकिर हुसैन सादिक, अमजद, मोहम्मद सालिक, अब्दुल माजिद और अकील खिलजी हैं. तस्वीरें विचलित करने वाली है.