भाजपा शिवसेना के राज में 325 करोड़ का घोटाला – रिपोर्ट

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मुम्बई महानगरपालिका में हुए 325 करोड़ के सड़क घोटाले के खुलासे न लोगों को हैरत में डाल दिया है। इस घोटाले में अभी तक 22 लोगों के नाम सामने आ चुके है। और कुछ लोगों की गिरफ़्तारी भी हो चुकी है। मगर इन सब के बीच एक बहुत बड़ी हैरान कर देने वाली बात सामने आई है.

इस घोटाले में शामिल कंपनियों के मालिकों से न तो अभी तक कोई पुछताछ हुई है न ही उन कंपनियों के खिलाफ कोई एक्शन लिया गया है। जब की उन कंपनी के मालिकों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।

सूत्रों की की मानी जाये तो भाजपा और महाराष्ट्र की छेत्रिय पार्टी शिव सेना दोषियों को बचाने में लगी हुई है। इस 22 गिरफ्तार आरोपियों जमानत दे दी गई है। गौरतलब है की मुम्बई महानगर पालिका को मुम्बई में बन रही सड़कों की काफी शिकायते मिल रही थी।

जिसकी जांच के लिए एक जाँच कमेटी का गठन किया गया सड़क के निर्माण की जाँच के आदेश दिए गए जिस जाँच के बाद एक चौका देने वाला खुलासा सामने आया ठेकेदारों द्वारा सड़क निर्माण में सही कंक्रीट मटेरियल इस्तेमाल नहीं किया गया।

जितनी परत सड़क पर बिछाना चाहिए थी नहीं बिछाई गई। सड़क बनाने में एक गंभीर रूप से समझौता किया गया है।
जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट पेश करते हुए बताया की निर्माण कार्य में 352 करोड़ रूपए का घोटाला किया गया है। जिसके बाद निर्माण कार्य में लगे सभी छः ठेकेदारों के खिलाफ एफ आई आर दर्ज कराई गई है।

जिसके बाद बीजेपी शिवसेना पर विपक्ष ने आरोप लगाते हुए कहा की मुख्य आरोपियों पर अभी तक कोई कार्यबाही नहीं की गई है। और आरोपियों को बचाने की कोशिश की जा रही है.