भारत का कोई नमाज़ी दाढ़ी-टोपी वाला व्यक्ति अगर प्रधानमंत्री बन जाता और अल्लाहु अकबर का नारा लगता तो क्या होता

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हैदराबाद के लोकसभा सांसद और आल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लेमीन के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लखनऊ के दशहरा कार्यक्रम में धार्मिक नारा लगाने की कड़ी आलोचना की हैं.

उन्होंने कहा कि वह देश के पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने किसी जनसभा में धार्मिक नारा लगाया है. भारत ने कई प्रधानमंत्री देखे और आगे भी देखेगे लेकिन किसी प्रधानमंत्री ने धार्मिक नारा नहीं लगाया।

असदुद्दीन ओवैसी ने आगे कहा की सभी भारतीय थोड़ी देर के लिए सोचें कि अगर कोई नमाजी टोपी और लंबी दाढ़ी वाला व्यक्ति प्रधानमंत्री बन जाता है और अल्लाहु अकबर का नारा लगाता तो क्या सारे चैनल खबर चलाएंगे कि भारत इस्लामी देश बन गया. परंतु अगर मोदी मजहबी नारा लगाते हैं तो कोई कुछ नहीं कह रहा है.

सांसद ओवैसी ने आगे कहा की ‘आपका असल मकसद ये है कि हिंदुस्तान को हिंदू राष्ट्र में तब्दील किया जाए।’ ओवैसी तीन तलाक और समान नागरिक संहिता के खिलाफ ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड द्वारा आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे।